Service Charge जबरन? अब नहीं चलेगा ये खेल

अजमल शाह
अजमल शाह

केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि रेस्टोरेंट्स ग्राहकों के बिल में ऑटोमैटिक या डिफॉल्ट रूप से Service Charge नहीं जोड़ सकते।

Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution ने दोबारा स्पष्ट किया है कि ऐसा करना गैरकानूनी माना जाएगा, यदि ग्राहक की सहमति नहीं ली गई हो।

₹50,000 तक जुर्माना

निर्देशों का उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट्स पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि Service Charge पूरी तरह Voluntary है, यानी देना है या नहीं, यह ग्राहक तय करेगा, न कि रेस्टोरेंट।

Bill में क्या शामिल होगा?

ग्राहकों से सिर्फ वही रकम ली जा सकती है जो मेन्यू में दर्शाई गई कीमत और लागू टैक्स (GST आदि) हो। सरकार ने यह भी कहा है कि ग्राहकों को किसी भी अतिरिक्त शुल्क के लिए मिसलीड, दबाव या मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

Consumer Awareness is Power

अक्सर देखा गया है कि कई जगह Service Charge को “अनिवार्य” बताकर जोड़ा जाता है। लेकिन नियम साफ है यह टिप की तरह वैकल्पिक है, टैक्स की तरह अनिवार्य नहीं।

“खाना आपकी पसंद का, Service Charge भी आपकी मर्जी का!”

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